Monday, November 14, 2016

पहले विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और कॉर्पोरेट्स के गठजोड़ पर हो सर्जिकल स्ट्राइक, न कि मध्यम वर्ग पर


क्या होगा अगर नकद लेन देन बन्द हो जाए और मायावती जी देश की पीएम बन जाए तो---

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में आतंकवाद निरोधक पोटा कानून लाया गया था, आतंकवादियों की कमर तोड़ने के लिए
मगर यूपी में मायावती ने उसका इस्तेमाल राजनैतिक विरोधियों से बदला भांजने में किया न कि आतंकवादियों के विरुद्ध,

कानून कितना भी सख्त बना दें अगर लागु करने वाले की नीयत सही नही है तो उसके दुष्परिणाम बड़े भयावह हो सकते हैं।।

अब चर्चा चल रही है कि जल्द ही 3 हजार रूपये से ऊपर का लेन देन और खरीद फरोख्त नकद की बजाय चैक या account to account money transfer से होगा, और एक परिवार का एक ही बैंक खाता होगा!!!!!

इसका सकारात्मक परिणाम यह होगा कि टैक्स चोरी करना असम्भव हो जाएगी और बड़ी पारदर्शिता हो जाएगी।

किन्तु कुछ दुष्परिणाम पर भी विचार करिये----
कल को मायावती ,जयललिता ,केजरीवाल या ममता बनर्जी जैसे देश के प्रधानमन्त्री बन जाते हैं और उन्होंने कोई कानून पास कर दिया कि जिनपर भी sc/st एक्ट या साम्प्रदायिक हिंसा निवारण कानून (जिसे यूपीए सरकार लाने वाली थी) लगेगा ,
उनके बैंक खाते पर रोक लगा दी जाएगी😯😯😯😯

तो उस आरोपित व्यक्ति के परिवार को भूखो मारे जाने को विवश होना पड़ जाएगा या भीख मांगनी पड़ जाएगी, न ही वो व्यक्ति धन के आभाव मेंअपनी क़ानूनी लड़ाई लड़ पाएगा,
क्योंकि नकदी उसके पास होगी नही, और बैंक खाते पर भी रोक लग जाएगी!!!!

ऐसी स्थिति में सरकार चाहे तो आपका आर्थिक बहिष्कार कर आपको बेमौत मार सकती है,सरकार का विरोध किया तो भूखे मरने को तैयार हो जाएं।।
ये एक प्रकार से मानवाधिकारों को भी कुचलने का अधिकार देना होगा।।
इस प्रकार के कानून और शक्तियां अधिनायकवाद को भी जन्म दे देते हैं।

इसलिए मोदी जी को सर्जिकल स्ट्राइक की अगली शुरुवात पहले भृष्ट राजनेताओं और राजनैतिक दलों के खिलाफ करनी होगी, भृष्ट नेता चाहे किसी भी दल से हो उनको धूल में न मिलाया गया, तो उनके इशारे पर काम करने वाली सरकारी मशीनरी और अधौगिक जगत पर रोक लगाना असम्भव  होगा।।

किसी भी कानून का दुरूपयोग हो सकता है अगर उसे लागु करने वाली विधायिका और कार्यपालिका बेईमान हो,और भृष्ट न्यायपालिका उन्हें सरक्षण प्रदान करें।।

मोदी जी से निवेदन है कि आम व्यापारी/किसान/मध्यम वर्ग/आढ़ती/एम्प्लोयी या छोटी मछलियों जिसने पहले जानकारी के आभाव या लापरवाही/लालच में प्रोपर टैक्स न दिया हो,
पहले उन पर सर्जिकल स्ट्राइक के बजाय भृष्ट विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका पर पर चोट करें और उन्हें अपने इशारो पर नचाने वाले बड़े कार्पोरेट घरानो के विरुद्ध कार्यवाही का साहस दिखाएँ,
जो बड़े कॉर्पोरेट्स घराने बैंको का हजारो करोड़ ऋण दबाए बैठे हैं उनसे सख्ती से ऋण की वसूली की जाए।।

बीजेपी में भी बहुत से भृष्ट राजनेता हैं और बैंको के हजारो करोड़ ऋण अदा न करने वाले घोटालेबाज ओधोगिक घरानो से उनकी मित्रता हैं, यूपीए शासन के बेईमान नेताओं से अंदरुनी गठजोड़ रखने वाले कई बीजेपी नेता आज सत्ता में प्रभावशाली हैं,
आम जनता में विश्वास जगाने के लिए इन भृष्ट बीजेपी नेताओं पर भी सर्जिकल स्ट्राईक पहले होनी चाहिए।

अगर विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और बड़े औधौगिक घराने सुधर गए तो अब तक प्रोपर टैक्स जमा न करने वाला मध्यम वर्ग अपने आप सुधर जाएगा।।

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