Friday, September 2, 2016

क्या प्रायोजित सर्वे से योगी आदित्यनाथ का रास्ता रोकने कि साजिश हो रही है बीजेपी में ??

मित्रों हाल में  एबीपी न्यूज़ पर यूपी विधानसभा चुनाव का जो सर्वे दिखाया वो किसी खास उद्देश्य को लेकर प्रायोजित था और वो उद्देश्य था योगी आदित्यनाथ को बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने से रोकना👎👎👎👎
सर्वे में अंतिम अनुमान के अनुसार इस समय समाजवादी पार्टी को पहले स्थान पर दिखाया गया है जो सही है,लेकिन मुख्यमंत्री पद के लिए पसन्द व विभिन्न सामाजिक वर्गों की संख्या और उनके रुझानों में दावे निराधार है,
सर्वे के विभिन्न बिंदुओं से मेरी सहमति/असहमति निम्न प्रकार है।
1--मुख्यमंत्री पद के लिए योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता जान बूझकर कमतर दिखाई गयी है,भले ही बीजेपी ने अभी किसी को इस पद के लिए प्रोजेक्ट न किया हो,
अखिलेश यादव और मायावती को 24-24% मतदाताओ की पहली पसन्द बताया गया है जो उनके समर्थक वर्गों के अनुसार सही है।।
लेकिन शेष 52% मतदाताओं में कम से कम से कम 30% की पहली पसन्द योगी आदित्यनाथ हैं
इस प्रायोजित सर्वे में योगी को कमतर दिखाने हेतु बीजेपी के कुछ नेताओं का हाथ भी अवश्य होगा।।
2--सर्वे में यूपी में स्वर्ण हिन्दू मतदाताओं की संख्या मात्र 18% बताई गयी जबकि यूपी में स्वर्ण हिंदुओं की कुल संख्या 24% से कम कदापि नही हैं जिनमे 9% ब्राह्मण, 8% राजपूत,
5% वैश्य,जैन,कायस्थ,खत्री,पंजाबी,सिंधी,सिक्ख आदि,2% त्यागी,भूमिहार व् अन्य स्वर्ण हैं।
सर्वे में मात्र स्वर्णो का 55% बीजेपी के समर्थन में बताया गया,
जबकि स्वर्णो का न्यूनतम 70% समर्थन इस समय बीजेपी के साथ है,यह आगे और भी बढ़ सकता है,हाँ व्यापारी वर्ग खुश नही है और कांग्रेस भी ब्राह्मणों पर डोरे डाल रही है।।
स्वर्णो के 24% वोट में-----
बीजेपी--14%
सपा--4%
कांग्रेस--4%
बसपा--2%
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अहीर वोट----कुल 9%
सर्वे में अहीरों का मात्र 68% समर्थन सपा के लिए दिखाया गया है जबकि 80% अहीर सपा के साथ हैं,अहीरों को सपा शासन में जमकर उपकृत किया गया इसलिए सबल अहीर मतदाता खुलकर सपा के साथ है।।
अहीर वोट 9% में मेरे अनुमान से-----
बीजेपी--1%
सपा--7.5%
कांग्रेस--
बसपा--0.5%
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गैर अहीर ओबीसी--27% (जबकि सर्वे में इन्हें 33% दिखाया गया)
सर्वे में गैर अहीर ओबीसी का मात्र 38% बीजेपी, 23% बसपा और 19% सपा के साथ दिखाए गए,
जबकि अति पिछड़ी जातियां लगभग एकतरफा बीजेपी के पक्ष में हैं इस वर्ग में जाट गूजर कुर्मी जैसे सबल वर्ग ही खुलकर बीजेपी के साथ नही हैं जबकि मुराव काछी माली सैनी खुलकर बीजेपी के साथ है
गैर अहीर ओबीसी में 27% में-------
बीजेपी--13%
सपा--6%
कांग्रेस--2%
बसपा--6%
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जाटव वोट 15%------
सर्वे में 75% जाटव वोट बसपा के पक्ष में दिखाया है जबकि यह वर्ग बहुत उग्रता से खुलकर बसपा के साथ है यह आंकड़ा 90% होगा,इनका मत प्रतिशत भी जबरदस्त होगा।इस वर्ग को बसपा सरकारो में जमकर उपकृत किया गया,इसलिए यह वर्ग खुलकर बसपा के साथ है
जाटव वोट 15% में---
बीजेपी--1%
सपा--0.5%
कांग्रेस--0.5%
बसपा--13%
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गैर जाटव दलित/जनजाति----6%
सर्वे में गैर जाटव दलित मतों में भी बसपा की बढ़त दिखाई गयी जो गलत है गैर जाटव दलितों का अधिकांश मत बीजेपी के साथ हमेशा से रहा है
गैर जाटव दलित/जनजाति वर्ग 6% में----
बीजेपी--3%
सपा--1%
कांग्रेस--0.5%
बसपा--1.5%
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मुस्लिम वोट---19%
सर्वे में मुस्लिम मतो का 4% बीजेपी को दिखाया जो एकदम गलत है, 0.5% भी बीजेपी के साथ नही है
62% मुस्लिम सपा के साथ दिखाए गए और 18% बसपा के साथ,
जबकि बसपा ने 130 टिकट मुस्लिमो को दिए हैं तो बसपा के लिए मुस्लिम का समर्थन बढ़ भी सकता है
मुस्लिमो के 19% में------
बीजेपी--0.5%
सपा--11%
कांग्रेस--2%
बसपा--5.5%
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इस प्रकार कुल आंकड़ा इस प्रकार होगा
बीजेपी----33.5%
सपा----30%
कांग्रेस---8%
बसपा--28.5%
लेकिन इस आंकड़े में एक पेंच यह कि जाटव अहीर और मुस्लिम मतो का मतदान प्रतिशत बहुत जबरदस्त होता है जबकि बीजेपी समर्थको का मतदान प्रतिशत कम रहता है
इसके अलावा निर्दलीय भी जरूर वोट काटेंगे तो इन सब समीकरणों को ध्यान में रखते हुए संशोधित आंकड़ा यह होगा।।
बीजेपी--31%
सपा--30%
कांग्रेस--8%
बसपा--28%
अन्य--3%
इन आंकड़ो से सीटो का अनुमान 
बीजेपी--130--140 
सपा---120--130
कांग्रेस--20--25
बसपा--100--110
निर्दलीय व् अन्य--5--7
इस प्रकार अभी किसी दल को बहुमत नही मिल रहा है,न ही कोई गठबंधन बनता दिख रहा है।।
बीजेपी अगर योगी आदित्यनाथ को सीएम उम्मीदवार बनाती है तो बीजेपी समर्थको का मतदान प्रतिशत बढ़ेगा और ध्रुवीकरण से बीजेपी की 40-50 सीट और बढ़ सकती हैं,और बीजेपी सरकार बनाने के नजदीक पहुंच सकती है।।
सपा को स्वर्ण हिन्दू विशेस्कर ठाकुर वोट तभी अतिरिक्त मिल पाएगा जब बीजेपी सीएम उम्मीदवार के लिए गलत निर्णय लेती है उस स्थिति में सपा की अतिरिक्त 25 अधिकतम सीट और बढ़ सकती हैं इस स्थिति में सपा कांग्रेस और निर्दलीय मिलकर जादुई आंकड़े तक पहुंच सकते हैं
बसपा के पक्ष में अगर मुस्लिमो का ध्रुवीकरण 70% तक हो गया तो बसपा को 70 सीट और बढ़ सकती हैं जिससे बसपा और कांग्रेस मिलकर सरकार बना सकती हैं
लेकिन आज वाला ही आंकड़ा रहा तो बसपा के जीतने वाले 100 विधायको में 55-60 के करीब मुस्लिम होंगे,जो टूटकर सरकार बनाने के लिए सपा के साथ जा सकते हैं और यही सर्वाधिक सम्भावना मुझे नजर आ रही है
कुल मिलाकर बिना किसी लहर के भी बीजेपी के साथ उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा समर्थन है पर लहर के आभाव में मुखर नही है और 2014 में बनी बनाई लहर को अपनी कार्यप्रणाली से खत्म करने के लिए केंद्र में मोदी सरकार का जुमलेबाजी वाला प्रदर्शन और बदली विचारधारा सर्वाधिक उत्तरदायी है,
यह सम्भावना भी है कि खण्डित जनादेश आने की सूरत में केंद्र/राजसभा में बसपा का सहयोग पाने और दलित हितैषी की इमेज चमकाने के लिए मोदी जी अटल आडवाणी की तरह यूपी में मायावती को समर्थन दे दें,भले ही इसके बाद यूपी में बीजेपी हमेशा के लिए समाप्त हो जाए।।
बीजेपी इस बार यूपी में सरकार बनाने से चुकती है तो इसके लिए नरेंद्र मोदी जी ही पूर्ण रूप से उत्तरदायी होंगे।।
जय हिन्द।।

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