Tuesday, September 13, 2016

मोदीभक्तों द्वारा ईमानदार और सिद्धान्तवादी जस्टिस टीएस ठाकुर का चरित्रहनन क्या उचित?


हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस श्री तीर्थ सिंह ठाकुर चर्चाओं में रहे हैं,
उन्होंने स्वतन्त्रता दिवस के मौके पर प्रधानमन्त्री मोदी जी को उच्च अदालतों में जजों की संख्या पूरी न किये जाने पर आगाह किया था,
तब से जस्टिस ठाकुर धूर्त मोदिभक्तों के निशाने पर आ गए हैं,सोशल मिडिया पर मोदीभक्त जस्टिस ठाकुर पर तरह तरह के आरोप लगाकर उनका चरित्रहनन कर रहे हैं,
यह कोई नई बात नही है मोदीभक्त पहले से ऐसी धूर्तता,मूर्खता और अंधभक्ति के लिए कुख्यात रहे हैं ।

मोदीभक्त सोशल मिडिया पर जस्टिस ठाकुर पर दो आरोप लगा रहे हैं,
आरोप संख्या 1--
जस्टिस ठाकुर का परिवार कांग्रेसी रहा है और वो कांग्रेस की कृपा से ही सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बने हैं!!!!

इसका जवाब---
उनके पिता श्री देवीदास ठाकुर भी न्यायविद थे,जम्मू कश्मीर एक अशांत क्षेत्र रहा है,जब जम्मू कश्मीर में गुलाम मौहम्मद शाह की सरकार बनी तो भारत सरकार के परामर्श से विधिक मामलो की देखरेख के लिए वो न्यायिक सेवा छोड़कर जम्मू कश्मीर मन्त्रीमण्डल में शामिल हुए थे,राजनीति उनका पेशा नही था बल्कि राष्ट्रहित और राज्य की विकट स्थिति पर नजर रखने को वो राज्य सरकार में शामिल हुए थे,
यूँ तो अटल बिहारी वाजपेयी भी नेहरू के प्रशंसक थे,डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी भी नेहरू सरकार में मंत्री बने थे,क्या वो भी कांग्रेस के चमचे हो गए?????👆👆

जब जस्टिस टीएस ठाकुर के पिता जम्मू कश्मीर राज्य सरकार में मंत्री थे तब वो जम्मू कश्मीर बार एशोसिएशन के अध्यक्ष थे,इस सरकार के कार्यो के विरुद्ध जब प्रदर्शन हो रहे थे तब
इन्ही टीएस ठाकुर ने अपने पिता की सरकार की बर्खास्तगी की भी मांग कर दी थी.

जस्टिस ठाकुर को लंबे समय से जानने वाले और वरिष्ठ वकील बीएस सलाथिया कहते हैं, "तीरथ सिंह ठाकुर हमेशा से सही को सही और ग़लत को ग़लत कहने का माद्दा रखते थे".💪💪

बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने कहा, "जब वे अपने पिता के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा सकते हैं तो आप समझ जाइए कि वो ग़लत होते हुए नहीं देख सकते हैं.
ऐसे सिद्धान्तवादी न्यायविद पर झूठे आरोप लगाने में मोदिभक्तो को लज्जा नही आती??🐴🐴

आरोप संख्या 2---
मोदिभक्तों का जस्टिस ठाकुर पर आरोप है कि वो अपने रिश्तेदारों को coliseum system के माध्यम से जज बनवाना चाहते थे जिसे मोदी सरकार ने अनसुना कर दिया,इसलिए वो मोदी से नाराज हैं,

इसका जवाब---
ये एकदम झूठा और बेबुनियाद आरोप है,जो संस्तुति स्वीकृति के लिए भेजी गयी है उसमे जस्टिस ठाकुर के किसी रिश्तेदार का दूर दूर तक कोई नाम नही है,
रही बात जजो की नियुक्ति से सम्बंधित coliseum system की,तो वो प्रणाली शुरू से देश में लागु है,क्या जस्टिस ठाकुर ने बनाई है जजो की नियुक्ति से सम्बंधित coliseum system प्रणाली ?????

आज ऊपरी और निचली अदालतों में जजो की कमी के कारण करोड़ो केस पैंडिंग पड़े हैं,आम जनता का न्याय व्यवस्था से विश्वास उठ गया है,
मोदी सरकार भी इस मुद्दे पर हाथ पर हाथ धरे बैठी है,क्या इस मुद्दे पर सरकार को आगाह करना मोदिभक्तो की नजर में गुनाह हो गया???

और वो जिस पद पर आज हैं वहां वो भला कैसे चुप रह सकते हैं जब पूरे देश में जजों की इतनी कमी है.
अब जम्मू कश्मीर उच्च न्यायलय को देख लीजिए. यहाँ 17 स्वीकृत पद हैं मगर जजों की मौजूदा संख्या सिर्फ आठ है. तो वो भला कैसे नहीं बोलें??
उन्होंने कहा था कि अगर जजों की नियुक्ति के मामले में सरकार कुछ नहीं करती है तो फिर न्यायपालिका को ही हस्तक्षेप करने पर मजबूर होना पड़ेगा.⛳⛳

तीर्थ सिंह ठाकुर अगर चीफ सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बने हैं तो अपनी योग्यता और मेरिट के आधार पर बने हैं, किसी खान्ग्रेसी,खाजपाई के रहमोकरम पर नही,
अगर कोई सोचता है कि अनर्गल मिथ्या प्रचार करके वो सिद्धान्तवादी जस्टिस ठाकुर साहब का मुँह बन्द कर देंगे तो उसकी भूल है।💪💪

आज हालत ये हो गयी कि कोई सही मुद्दे पर भी मोदी सरकार को चेताए या उसकी आलोचना करे तो धूर्त, मुर्ख और बेशर्म मोदीभक्त तुरन्त उसपर देशद्रोही,कांग्रेसी,आपिया,भृष्ट का लेबल चिपकाकर शोशल मिडिया पर चरित्रहनन शुरू कर देते हैं🐮🐮
क्या गलत कहा जस्टिस ठाकुर ने कि नारों और जुमलों से विकास नही होता??

अगर मोदी की अंधभक्ति ही तुम्हारा हिंदुत्व और राष्ट्रवाद है तो ईश्वर भारतवर्ष,और सनातन धर्म की रक्षा करे💐💐

1 comment:

  1. मोदी के अंधभक्तों ने आपियों को भी सुतियापन्ती में मात दे दी है

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